आ मेरे पास दीवाने तेरे दिल को करार दे दूं मै

शोख नज़रों के छलके पैमाने ये बहकती बहार दे दूं मैं

छोड़ दुनिया की इन मायूसी भरी गलियों को

मेरे हमदम मेरी इन प्यार भरी बाहों में

तोड़ कर रख देंगे तेरा उजालों का भरम

ज़ुल्फ़ों के नर्म अंधेरों की पनाहों में आ

लरजते लब पे ढेरों अफ़साने गुनगुनाये हैं तेरे लिए

हर तरफ रोशन हैं मेरी वफ़ाओं के दिये

अपना आँचल तेरी राहों में बिछाया मैंने

बस तेरे वास्ते मेरा दिल मेरी जान सनम

कितनी हसरत से ये जहां सजाया मैंने

तेरे दिल मे है क्या ये तू  जाने मेरी ज़िंदगी तेरे लिये

आ मेरे पास…………